उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर पूर्व आईएएस अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। राज्य गठन के लगभग 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थायी राजधानी को लेकर फैसला न होने से जनता में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

रतूड़ी का कहना है कि स्थायी राजधानी के अभाव में पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है, जिससे भारी पलायन हो रहा है। इसी मांग को लेकर वे 12 अक्टूबर से देहरादून के परेड ग्राउंड में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं कर देती।

